हमारे शरीर में रक्त संचालन करने वाली नसों का जलसा बिछा हुआ है यह नसीब तीन प्रकार की होती हैं धमनी शिरा और महीन कोशिकाएं धमनी का कार्य पूरे शरीर में शुद्ध रक्त की आपूर्ति करना तथा शिरा का कार्य शरीर में अशुद्ध रक्त इकट्ठा करके हृदय में वापस शुद्ध होने हेतु भेजना कोशिकाएं बारीक धागे जैसी होती हैं यह शिरा और धमनी से संबंध होती हैं और त्वचा तक इसका प्रसार होता है चोट लग जाने पर धमनी का रक्त शरीर के बाहर उछल उछल कर निकलता है इसका रंग शुल्क चमकीला लाभ होता है सिर आकार रक्त गहरे रंग का होता है और सामान रूप से बाहर निकलता है कोशिकाओं का रक्त नन्ही नन्ही बूंदों के रूप में धीरे-धीरे निकलता है। (१)घुटनों में चोट लगने पर यदि धमनी का रक्त निकल रहा हो तो घायल अंकों ऊपर करके रखना चाहिए यदि शीरा से रक्त प्रभाव हो रहा हो तो उसको नीचे करके रखें इससे रक्त प्रभाव जल्दी बंद हो जाएगा
(२) घाव को ठंडे पानी से धो कर उस पर बर्फ रखें और ठंडे पानी से भीगे कपड़े की पट्टी बांधे इससे रक्त स्राव जल्दी बंद होगा। (३)चोट के सभी ऊपर की और दबाव रखने पर भी रक्त की कम मात्रा निकलेगी पट्टी बांधने तक चोट को दबाकर रक्त का बहना बंद करने का प्रयास करें। (४)समान कोशिकाओं से रक्त स्राव हो रहा हो तो उंगली से कुछ देर तक दबा कर रखें डेटॉल या जीवाणु नासिक ढोल से साफ करके उस पर फिटकरी रखकर हल्की पट्टी बांधे सामान्य चोट पर फिटकरी छिड़ककर पट्टी बांध देने से रक्त रुक जाता है। (५) यदि नाक से रक्त स्राव हो रहा हो तो स्वच्छ हवादार स्थान में रोगी को बता दे सिर को पीछे की ओर लटका कर रखी हाथ को ऊपर की ओर कर दे गले और वृक्ष हाल के कपड़ों को ढीला कर दें नाक और गर्दन पर बर्फ का ठंडा पानी रखें मुंह को खुला रखकर श्वास लें और पैरों को गर्म पानी में रख दें इससे नासिका का रक्त शीघ्र रुक जाएगा
हड्डी टूटना
प्रिया दुर्घटना में अत्यधिक चोट लग जाने से रक्त स्राव अधिक होने के साथ ही कभी-कभी हड्डी भी टूट जाया करती है टूटी हड्डी के संदर्भ में कोशिश यह करनी चाहिए कि बिना छेड़छाड़ किए यथा स्थिति में घायल को शीघ्र चिकित्सालय पहुंचाएं हिलने डुलने से अधिक हानि पहुंच सकती है कभी-कभी टूटी हड्डी मास्को फाड़ कर बाहर निकल आती है ऐसी स्थिति में अत्यंत सावधानी रखने की जरूरत पड़ती है हड्डी टूटने की पहचान यह है कि 20 स्थान में दर्द होता है वह अंग बेकाबू हो जाता है पीड़ा लंबा या छोटा हो सकता है भीतरी रक्षा व मांसपेशियों के सूखने से सूजन आ जाती है हड्डी टूटने पर एक्स-रे करके सही स्थिति का आंकलन कर प्लास्टर आदि करना पड़ता है हड्डी टूटने की स्थिति में प्राथमिक उपचार इस प्रकार करनी चाहिए
(१)यदि जान पैर या हाथ की हड्डी टूटी हो तो बिना हिलाए बुलाए टूटे अंग पर इसके लिया लकड़ी की खपत थी दोनों और बांध कर रख दें और निकटवर्ती चिकित्सालय ले जाने की व्यवस्था करें रक्त निकल रहा हो तो उसे रोकने का प्रयास करना चाहिए। (२)हड्डी का सिरा टूटकर बाहर निकल गया हो तो ऐसी स्थिति में बिना हिलाए रखें और चिकित्सक को बुलाए। (३)सिर की हड्डी टूट गई हो तो सिर ऊंचा करके लेट आदि घाव पहुंचकर हल्की पट्टी बांधे सीने और गर्दन के वस्त्र ढीले कर दे उसे शांत और गर्म रखने का प्रयास करें तथा रोगी को सांत्वना देते रहें। (४)यदि रीड या कमर की हड्डी टूटी हो तो पड़ा रहने दे चिकित्सक को बुलाए अन्यथा अधिक गंभीर हानि पहुंच सकती है।


